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- भारत का AI क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व
इस समिट का सबसे बड़ा उद्देश्य भारत को AI तकनीक के क्षेत्र में वैश्विक नेता बनाना है।
भारत सरकार का विजन है “AI for All”, यानी AI तकनीक का लाभ केवल बड़ी कंपनियों या अमीर देशों तक सीमित न रहे बल्कि यह आम लोगों और विकासशील देशों तक भी पहुँचे।
इस कार्यक्रम में Narendra Modi ने कहा कि AI का उपयोग मानवता के हित में होना चाहिए। उन्होंने बताया कि भारत AI का इस्तेमाल स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और प्रशासन को बेहतर बनाने के लिए करेगा।
भारत पहले से ही दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल इकोसिस्टम बना चुका है, जैसे डिजिटल पेमेंट, आधार और UPI, और अब AI में भी भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है।
- न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन
इस समिट का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम “New Delhi Declaration on AI” है।
इस घोषणा को लगभग 89 देशों और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने समर्थन दिया है।
इस डिक्लेरेशन के मुख्य उद्देश्य हैं:
जिम्मेदार और सुरक्षित AI का विकास
AI रिसर्च में अंतरराष्ट्रीय सहयोग
AI तकनीक को सभी देशों के लिए सुलभ बनाना
AI के नैतिक उपयोग को बढ़ावा देना
डिजिटल असमानता को कम करना
इस घोषणा को AI के लिए वैश्विक नीति बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
- नई AI तकनीकों की घोषणा
इस समिट में कई भारतीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने नई AI तकनीकों की घोषणा की।
Sarvam AI के नए मॉडल
भारतीय स्टार्टअप Sarvam AI ने इस समिट में अपने नए AI मॉडल लॉन्च किए।
कंपनी ने तीन बड़े AI मॉडल पेश किए:
30 बिलियन पैरामीटर वाला AI मॉडल
105 बिलियन पैरामीटर वाला एडवांस मॉडल
नया स्पीच और विज़न AI सिस्टम
इन AI मॉडल्स का इस्तेमाल चैटबॉट, वॉयस असिस्टेंट और AI एप्लिकेशन बनाने में किया जा सकता है।
कंपनी ने AI स्मार्ट ग्लासेस भी प्रदर्शित किए जो रियल-टाइम जानकारी दिखाने में सक्षम हैं।
- भारत का मल्टीलिंगुअल AI मॉडल
भारत की सबसे बड़ी समस्या भाषाओं की विविधता है। इसी को ध्यान में रखते हुए एक नया AI मॉडल लॉन्च किया गया है।
इस मॉडल का नाम BharatGen Param2 है।
यह AI सिस्टम 22 भारतीय भाषाओं में काम कर सकता है और टेक्स्ट, इमेज और ऑडियो को समझ सकता है।
इस तकनीक का उपयोग इन क्षेत्रों में होगा:
सरकारी सेवाएँ
शिक्षा
हेल्थकेयर
डिजिटल असिस्टेंट
इससे भारत के ग्रामीण और स्थानीय भाषाओं वाले लोगों को भी AI तकनीक का लाभ मिलेगा।
- वॉयस क्लोनिंग AI
बेंगलुरु की स्टार्टअप Gnani.ai ने इस समिट में एक नई AI तकनीक पेश की है।
इस तकनीक का नाम Vachana TTS है।
इसकी खास बातें:
केवल 10 सेकंड की ऑडियो रिकॉर्डिंग से किसी की आवाज क्लोन कर सकती है
12 भारतीय भाषाओं में बोल सकती है
कॉल सेंटर और डिजिटल असिस्टेंट में उपयोगी
भविष्य में यह तकनीक कस्टमर सपोर्ट, शिक्षा और मीडिया इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव ला सकती है।
- AI इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े निवेश
AI तकनीक के विकास के लिए मजबूत कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होती है।
इस समिट में घोषणा की गई कि भारत 20,000 से अधिक GPU जोड़कर अपनी AI कंप्यूटिंग क्षमता को बढ़ाएगा।
IT मंत्री Ashwini Vaishnaw ने बताया कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर में 250 बिलियन डॉलर से अधिक निवेश प्रस्ताव आए हैं।
इन निवेशों का उपयोग किया जाएगा:
AI रिसर्च
स्टार्टअप इनोवेशन
डेटा सेंटर
सुपर कंप्यूटिंग
इसके अलावा कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियाँ भी भारत में AI निवेश करने की योजना बना रही हैं।
- भारत का AI एयर टैक्सी प्रोजेक्ट
इस समिट में भारत की पहली AI आधारित एयर टैक्सी भी प्रदर्शित की गई।
इसे The ePlane Company ने विकसित किया है और इसमें Indian Institute of Technology Madras का सहयोग है।
यह एक इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग (eVTOL) विमान है।
इसकी विशेषताएँ:
AI आधारित नेविगेशन
इलेक्ट्रिक इंजन
कम समय में शहर के भीतर यात्रा
भविष्य में यह तकनीक शहरी ट्रैफिक की समस्या को कम करने में मदद कर सकती है।
- AI ग्लोबल चैलेंज
समिट के दौरान AI for All Global Impact Challenge भी लॉन्च किया गया।
इसका उद्देश्य है AI के माध्यम से समाज की बड़ी समस्याओं का समाधान ढूँढना।
इस प्रतियोगिता के मुख्य क्षेत्र हैं:
स्वास्थ्य सेवाएँ
कृषि विकास
जलवायु परिवर्तन
शिक्षा
इस प्रतियोगिता के विजेताओं को सरकार द्वारा फंडिंग और तकनीकी सहायता दी जाएगी।
इसके अलावा AI by HER और YUVAi Challenge जैसे कार्यक्रम भी शुरू किए गए हैं ताकि युवाओं और महिलाओं को AI क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिले।
- समिट के रोचक पल
इस समिट में कई दिलचस्प घटनाएँ भी देखने को मिलीं।
सबसे खास घटना थी एक 8 साल के बच्चे का स्पीकर बनना।
Ranvir Sachdeva नाम के बच्चे ने AI के बारे में अपने विचार साझा किए और यह समिट का सबसे युवा वक्ता बन गया।
उसने कई टेक लीडर्स से मुलाकात भी की।
- टेक लीडर्स की भागीदारी
इस समिट में दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों के नेता भी शामिल हुए।
इनमें प्रमुख हैं:
Sundar Pichai
Sam Altman
इन नेताओं ने AI सुरक्षा, ओपन-सोर्स टेक्नोलॉजी और भविष्य की AI नीति पर चर्चा की।
उनका मानना है कि आने वाले समय में AI दुनिया की अर्थव्यवस्था और उद्योगों को पूरी तरह बदल देगा।
- कुछ विवाद भी हुए
हालांकि यह समिट काफी सफल रहा, लेकिन कुछ विवाद भी सामने आए।
एक घटना में एक रोबोट डॉग को भारतीय तकनीक बताया गया था, लेकिन बाद में पता चला कि वह वास्तव में एक विदेशी कंपनी का उत्पाद था।
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हुई और उस स्टॉल को हटा दिया गया।
इसके अलावा कुछ लोगों ने आयोजन व्यवस्था पर भी सवाल उठाए, जैसे:
ट्रैफिक जाम
लंबी कतारें
सुरक्षा प्रतिबंध
कुछ विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि समिट में महिलाओं की भागीदारी कम थी।
निष्कर्ष
India AI Impact Summit 2026 भारत के लिए एक ऐतिहासिक टेक्नोलॉजी कार्यक्रम साबित हुआ है।