कोलकाता में 5.0 तीव्रता का भूकंप: लोग घरों से बाहर निकले, कोई बड़ा नुकसान नहीं

कोलकाता में महसूस हुए 5.0 तीव्रता के भूकंप के झटके:

लोग घरों से बाहर निकले, कोई बड़ा नुकसान नहीं
भारत के पूर्वी हिस्से में स्थित पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में हाल ही में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता लगभग 5.0 मैग्नीट्यूड दर्ज की गई, जिसके कारण शहर के कई इलाकों में लोगों ने कंपन महसूस किया। झटके ज्यादा देर तक नहीं रहे, लेकिन अचानक आए इस भूकंप से लोग घबरा गए और कई निवासी अपने घरों और इमारतों से बाहर निकल आए।
हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक किसी भी तरह के बड़े नुकसान या जानमाल की हानि की कोई खबर सामने नहीं आई है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
इस घटना ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाएँ किसी भी समय आ सकती हैं और इसके लिए हमेशा तैयार रहना जरूरी है।


भूकंप कब और कैसे महसूस हुआ
जानकारी के अनुसार, भूकंप के झटके अचानक महसूस किए गए। कई इलाकों में लोगों ने बताया कि कुछ सेकंड तक जमीन और इमारतें हल्की-हल्की हिलती हुई महसूस हुईं।
जिन लोगों ने उस समय ऊंची इमारतों में काम कर रहे थे या घरों में मौजूद थे, उन्होंने कंपन को साफ महसूस किया। कई कार्यालयों और अपार्टमेंट में रहने वाले लोग तुरंत बाहर निकल आए।
भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.0 दर्ज की गई। विशेषज्ञों के अनुसार, 5.0 तीव्रता का भूकंप आमतौर पर मध्यम श्रेणी का माना जाता है। इसमें हल्के झटके महसूस होते हैं लेकिन बड़े स्तर का नुकसान बहुत कम होता है।


लोगों में फैली घबराहट
जैसे ही भूकंप के झटके महसूस हुए, कई इलाकों में लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए।
कई जगहों पर लोग सड़कों पर इकट्ठा हो गए और एक-दूसरे से पूछने लगे कि क्या उन्हें भी कंपन महसूस हुआ है। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने तुरंत इस घटना के बारे में पोस्ट करना शुरू कर दिया।
कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें लगा जैसे उनकी इमारत हिल रही हो। कई अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में लोग एहतियात के तौर पर कुछ समय तक बाहर ही खड़े रहे।


प्रशासन ने कही यह बात
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि फिलहाल किसी भी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है।


सरकारी अधिकारियों के अनुसार:
किसी इमारत के गिरने की खबर नहीं है
किसी व्यक्ति के घायल होने की जानकारी नहीं मिली
स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है
प्रशासन ने लोगों से घबराने की बजाय शांत रहने की अपील की है। साथ ही लोगों को यह भी सलाह दी गई है कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।


क्यों आते हैं भूकंप?
भूकंप पृथ्वी की सतह के नीचे होने वाली भूगर्भीय हलचलों के कारण आते हैं। पृथ्वी कई बड़े-बड़े टेक्टोनिक प्लेटों से बनी होती है। जब ये प्लेटें आपस में टकराती हैं या खिसकती हैं, तो ऊर्जा निकलती है और जमीन में कंपन महसूस होता है।
इसी कंपन को हम भूकंप कहते हैं।
भूकंप की तीव्रता को मापने के लिए वैज्ञानिक United States Geological Survey और अन्य भूकंपीय संस्थान रिक्टर स्केल का उपयोग करते हैं।


रिक्टर स्केल पर:
3.0 से कम – बहुत हल्का
3.0 से 5.0 – हल्का
5.0 से 6.0 – मध्यम
6.0 से अधिक – खतरनाक माना जाता है
कोलकाता में आया भूकंप 5.0 तीव्रता का था, इसलिए इसे मध्यम श्रेणी का भूकंप कहा जा सकता है।


भारत में भूकंप का खतरा
भारत भूकंप के लिहाज से संवेदनशील देशों में से एक है। देश के कई हिस्से भूकंप संभावित क्षेत्रों में आते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार भारत को भूकंप के आधार पर चार मुख्य जोन में बांटा गया है:
जोन 2 – कम खतरा
जोन 3 – मध्यम खतरा
जोन 4 – अधिक खतरा
जोन 5 – सबसे ज्यादा खतरा
पूर्वोत्तर भारत, हिमालय क्षेत्र और उत्तर भारत के कुछ हिस्से सबसे ज्यादा संवेदनशील माने जाते हैं।


पहले भी महसूस हुए हैं झटके
यह पहली बार नहीं है जब इस क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस किए गए हों। पूर्वी भारत और आसपास के क्षेत्रों में समय-समय पर हल्के भूकंप आते रहते हैं।
हालांकि इनमें से ज्यादातर भूकंप कम तीव्रता के होते हैं और इनके कारण बड़ा नुकसान नहीं होता।
भूकंप वैज्ञानिकों का मानना है कि छोटी तीव्रता के भूकंप अक्सर जमीन के भीतर जमा ऊर्जा को रिलीज करते रहते हैं, जिससे बड़े भूकंप की संभावना कम हो सकती है।
भूकंप के दौरान क्या करें?
भूकंप के समय सही कदम उठाना बेहद जरूरी होता है। विशेषज्ञों के अनुसार अगर भूकंप आए तो लोगों को घबराने की बजाय निम्नलिखित सावधानियां बरतनी चाहिए:

  1. घर के अंदर हों तो
    मजबूत टेबल या फर्नीचर के नीचे बैठ जाएं
    खिड़कियों और कांच से दूर रहें
    लिफ्ट का इस्तेमाल न करें
  2. बाहर हों तो
    इमारतों और बिजली के खंभों से दूर रहें
    खुले मैदान में चले जाएं
  3. वाहन में हों तो
    वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोकें
    पुल या फ्लाईओवर के नीचे खड़े न हों
    भूकंप के बाद क्या सावधानी रखें
    भूकंप के झटके खत्म होने के बाद भी सावधानी जरूरी होती है।
    गैस और बिजली की लाइन की जांच करें
    इमारत में दरार हो तो तुरंत बाहर निकलें
    प्रशासन के निर्देशों का पालन करें
    इसके अलावा लोगों को आपातकालीन नंबर अपने पास रखना चाहिए ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद मिल सके।

  4. सोशल मीडिया पर भी चर्चा
    भूकंप के झटकों के बाद सोशल मीडिया पर भी यह खबर तेजी से वायरल हो गई। कई लोगों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि उन्होंने किस तरह कंपन महसूस किया।
    कुछ लोगों ने वीडियो भी शेयर किए, जिनमें झूमते पंखे और हिलते सामान दिखाई दे रहे थे।
    हालांकि प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बिना पुष्टि के किसी भी वीडियो या खबर को शेयर न करें।

  5. विशेषज्ञों की राय
    भूकंप विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मध्यम तीव्रता के भूकंप आम तौर पर बहुत ज्यादा खतरनाक नहीं होते।
    लेकिन यह जरूरी है कि लोग भूकंप से जुड़ी सुरक्षा के बारे में जागरूक रहें। शहरी क्षेत्रों में खासतौर पर इमारतों को भूकंपरोधी तकनीक से बनाना बेहद जरूरी है।
    भारत में अब नई इमारतों के निर्माण में भूकंपरोधी मानकों का पालन करने पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है।

  6. निष्कर्ष
    कोलकाता में आए 5.0 तीव्रता के भूकंप ने लोगों को कुछ समय के लिए जरूर डरा दिया, लेकिन राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी भी बड़े नुकसान या जानमाल की हानि की खबर नहीं है।
    यह घटना हमें याद दिलाती है कि प्राकृतिक आपदाएं अचानक आ सकती हैं। इसलिए जरूरी है कि हम हमेशा सतर्क रहें और आपदा से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी रखें।
    सरकार और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों से शांत रहने तथा अफवाहों से दूर रहने की अपील की गई है।

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