भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था लगातार तेजी से आगे बढ़ रही है। डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में भारत ने पिछले कुछ वर्षों में दुनिया में एक अलग पहचान बनाई है। इसी क्रम में हाल ही में एक बड़ी घोषणा की गई है। भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने बताया कि भारत और Israel के बीच एक अहम समझौता हुआ है, जिसके तहत भारत का लोकप्रिय डिजिटल पेमेंट सिस्टम Unified Payments Interface जल्द ही इज़राइल में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा।
यह फैसला दोनों देशों के बीच बढ़ते तकनीकी और आर्थिक सहयोग को दर्शाता है। इस समझौते के साथ कई अन्य महत्वपूर्ण समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं, जिससे भारत और इज़राइल के रिश्ते और मजबूत होने की उम्मीद है।
भारत का UPI कैसे बना दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट सिस्टम
UPI भारत की सबसे सफल डिजिटल सेवाओं में से एक है। इसे National Payments Corporation of India द्वारा विकसित किया गया था। इस सिस्टम की मदद से लोग अपने मोबाइल फोन से कुछ ही सेकंड में पैसे भेज और प्राप्त कर सकते हैं।
UPI की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें बैंक अकाउंट की जानकारी साझा करने की जरूरत नहीं होती। केवल एक UPI ID या QR कोड के जरिए भुगतान किया जा सकता है।
आज भारत में करोड़ों लोग रोजाना UPI का उपयोग कर रहे हैं। छोटे दुकानदार से लेकर बड़े व्यापारिक संस्थान तक सभी इस डिजिटल पेमेंट सिस्टम को अपना चुके हैं।
इज़राइल में UPI लागू होने से क्या बदलाव आएंगे
अगर इज़राइल में UPI लागू हो जाता है तो इससे कई बड़े फायदे देखने को मिल सकते हैं।
भारतीय पर्यटकों को सुविधा
हर साल बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक Israel जाते हैं। UPI की सुविधा शुरू होने के बाद उन्हें वहां नकद या कार्ड पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी।
व्यापार को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म
भारत और इज़राइल के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है। डिजिटल पेमेंट सिस्टम लागू होने से दोनों देशों के बीच छोटे और मध्यम व्यवसायों को भी फायदा मिलेगा।
टेक्नोलॉजी सहयोग को बढ़ावा
UPI सिर्फ पेमेंट सिस्टम नहीं है बल्कि यह भारत की डिजिटल तकनीक की ताकत को भी दिखाता है। इसके जरिए दोनों देश टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में और करीब आ सकते हैं।
नई टेक्नोलॉजी साझेदारी की शुरुआत
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने यह भी बताया कि भारत और Israel ने Critical and Emerging Technologies Partnership शुरू करने का फैसला किया है।
इस साझेदारी का उद्देश्य नई और उभरती तकनीकों में संयुक्त सहयोग को बढ़ाना है। इसमें कई आधुनिक तकनीकों पर काम किया जाएगा, जैसे:
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
- क्वांटम टेक्नोलॉजी
- साइबर सिक्योरिटी
- महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals)
- एडवांस टेक रिसर्च
इससे दोनों देशों को तकनीकी विकास में नई गति मिलेगी।
दुनिया में बढ़ रही है भारत की डिजिटल ताकत
भारत का UPI अब सिर्फ देश तक सीमित नहीं रहा। भारत सरकार और कई डिजिटल कंपनियां इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विस्तार देने की कोशिश कर रही हैं।
पहले ही कई देशों में UPI से जुड़े समझौते हो चुके हैं, जिनमें शामिल हैं:
- सिंगापुर
- फ्रांस
- यूएई
- मॉरीशस
- श्रीलंका
अब इज़राइल भी इस सूची में शामिल हो सकता है।
भारत और इज़राइल के मजबूत रिश्ते
भारत और Israel के बीच संबंध पिछले कई वर्षों से मजबूत रहे हैं। दोनों देश कई क्षेत्रों में एक-दूसरे के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
इन क्षेत्रों में प्रमुख सहयोग शामिल है:
- रक्षा तकनीक
- कृषि नवाचार
- साइबर सुरक्षा
- जल प्रबंधन
- अंतरिक्ष अनुसंधान
इन सहयोगों की वजह से दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है।
भविष्य में क्या हो सकता है
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत का UPI और भी कई देशों में लागू हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो भारत वैश्विक डिजिटल भुगतान नेटवर्क का एक बड़ा केंद्र बन सकता है।
इससे न केवल भारत की तकनीकी ताकत दुनिया के सामने आएगी बल्कि भारतीय स्टार्टअप और फिनटेक कंपनियों को भी नए अवसर मिलेंगे।
निष्कर्ष
भारत और Israel के बीच हुआ यह समझौता डिजिटल सहयोग का एक नया अध्याय खोल सकता है। अगर इज़राइल में UPI शुरू हो जाता है तो यह भारत की डिजिटल क्रांति को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने वाला कदम होगा।
प्रधानमंत्री Narendra Modi की इस पहल से भारत की डिजिटल तकनीक और आर्थिक सहयोग दोनों को मजबूती मिलेगी। आने वाले समय में यह कदम अंतरराष्ट्रीय डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है।