महाराष्ट्र में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। जल्द ही Maharashtra State Road Transport Corporation (MSRTC) के बेड़े में हजारों नई बसें जोड़ी जाएंगी। इस योजना के तहत राज्य में करीब 8,300 नई बसों को शामिल किया जाएगा, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी।
यह कदम खास तौर पर उन क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है जहाँ अब तक परिवहन की सुविधाएं सीमित थीं। नई बसों के आने से यात्रियों की यात्रा अधिक सुरक्षित, आरामदायक और समयबद्ध होगी।
एसटी बेड़े में 8,300 नई बसें शामिल होंगी
राज्य सरकार के अनुसार आने वाले समय में एसटी सेवा के बेड़े में कुल 8,300 नई बसों को शामिल किया जाएगा।
इनमें से:
- 3,000 बसों की खरीद के लिए लगभग 1,600 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
- बाकी 5,300 बसों की व्यवस्था आगामी बजट में की जाएगी।
इस योजना का उद्देश्य एसटी के पुराने बस बेड़े को धीरे-धीरे बदलना और यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं देना है।
342 और 55 सीट क्षमता वाली बसें आएंगी
नई बसों में अलग-अलग सीट क्षमता की बसें शामिल की जाएंगी ताकि यात्रियों की संख्या के अनुसार सेवा उपलब्ध कराई जा सके।
- 342 सीटों की क्षमता वाली बड़ी बसें
- 55 सीटों की सामान्य बसें
इन बसों को मार्च से चरणबद्ध तरीके से एसटी सेवा में शामिल किया जाएगा। इससे विभिन्न रूटों पर बसों की संख्या बढ़ेगी और यात्रियों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
बसों को दिया गया “राजमाता जिजाऊ” नाम
नई बसों को “राजमाता जिजाऊ” नाम दिया गया है, जो मराठा साम्राज्य के संस्थापक Chhatrapati Shivaji Maharaj की माता Jijabai के सम्मान में रखा गया है।
इस नामकरण का उद्देश्य महाराष्ट्र के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देना है।
“राजमाता जिजाऊ” नाम की ये बसें खास तौर पर दो शहरों के बीच व्यस्त मार्गों पर चलाई जाएंगी।
20–25 हजार बस खरीदने की दी गई मंजूरी
राज्य सरकार ने भविष्य में एसटी सेवा को और मजबूत बनाने के लिए 20 से 25 हजार बसें खरीदने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
इससे:
- एसटी का पूरा नेटवर्क आधुनिक बनेगा
- पुराने और जर्जर बसों को बदला जाएगा
- यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी
यह कदम महाराष्ट्र के सार्वजनिक परिवहन ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
5 हजार बसों की खरीद प्रक्रिया अंतिम चरण में
सरकार के अनुसार करीब 5,000 बसों की खरीद की निविदा प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होगी, नई बसों की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। इससे एसटी सेवा को तेजी से विस्तार मिलेगा और यात्रियों को अधिक बसें उपलब्ध होंगी।
ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों तक पहुंचेगी सेवा
नई बसों का एक बड़ा उद्देश्य ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों तक परिवहन सुविधा पहुंचाना है।
सरकार ने बताया कि:
- करीब 100 मिनी बसें भी खरीदी जाएंगी
- इन बसों को ऐसे क्षेत्रों में चलाया जाएगा जहाँ बड़े बसों का संचालन कठिन होता है
इससे दूरदराज के गांवों में रहने वाले लोगों को भी एसटी सेवा का लाभ मिलेगा।
यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
नई बसों में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई आधुनिक सुविधाएं दी जाएंगी, जैसे:
- आरामदायक सीटें
- बेहतर सस्पेंशन
- सुरक्षित ब्रेकिंग सिस्टम
- लंबी दूरी की यात्रा के लिए बेहतर आराम
इन सुविधाओं से यात्रियों की यात्रा पहले की तुलना में अधिक आरामदायक और सुरक्षित होगी।
राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार पर भी असर
नई बसों के शामिल होने से सिर्फ परिवहन व्यवस्था ही नहीं सुधरेगी, बल्कि इसका आर्थिक और रोजगार के क्षेत्र पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
- नए ड्राइवर और कंडक्टर की भर्ती हो सकती है
- बसों के रखरखाव और संचालन से रोजगार बढ़ेगा
- ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही आसान होगी
इससे राज्य के विकास को भी गति मिलेगी।
निष्कर्ष
महाराष्ट्र सरकार द्वारा एसटी सेवा में 8,300 नई बसें शामिल करने की योजना एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम है। इससे राज्य की परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
“राजमाता जिजाऊ” नाम से शुरू होने वाली ये नई बसें महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने के साथ-साथ आधुनिक परिवहन सुविधा भी प्रदान करेंगी।
अगर यह योजना पूरी तरह लागू होती है तो आने वाले समय में महाराष्ट्र की एसटी सेवा पहले से अधिक मजबूत, आधुनिक और विश्वसनीय बन जाएगी।