घरेलू LPG सिलेंडर ₹60 महंगा, कमर्शियल सिलेंडर ₹115 बढ़ा – आम जनता पर बढ़ा बोझ

भारत में रसोई गैस यानी Liquefied Petroleum Gas (LPG) की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। नई कीमतें 7 मार्च 2026 से लागू हो गई हैं। इस फैसले के तहत 14.2 किलोग्राम के घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में ₹60 की बढ़ोतरी की गई है, जबकि कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में ₹115 का इजाफा किया गया है।

इस बढ़ोतरी का असर सीधे तौर पर आम जनता, छोटे व्यापारियों और होटल-रेस्टोरेंट चलाने वालों पर पड़ने वाला है। खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ रहा है और Iran और Israel के बीच युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है।

सरकारी तेल कंपनियों ने घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में ₹60 की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। यह बढ़ोतरी पूरे देश में लागू होगी।

14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में इस बढ़ोतरी के बाद आम परिवारों का मासिक खर्च बढ़ना तय माना जा रहा है। भारत में करोड़ों परिवार खाना बनाने के लिए LPG का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए यह फैसला सीधे हर घर की रसोई पर असर डालता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो आने वाले समय में LPG की कीमतों में और भी बढ़ोतरी हो सकती है।

कमर्शियल गैस सिलेंडर ₹115 महंगा

घरेलू सिलेंडर के साथ-साथ कमर्शियल LPG सिलेंडर भी महंगा कर दिया गया है। 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में ₹115 की बढ़ोतरी की गई है।

कमर्शियल सिलेंडर का इस्तेमाल मुख्य रूप से निम्न क्षेत्रों में किया जाता है:

होटल और रेस्टोरेंट

ढाबे

केटरिंग सर्विस

छोटे फूड बिजनेस

कीमत बढ़ने से इन व्यवसायों की लागत बढ़ेगी और इसका असर खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

कीमत बढ़ने के पीछे क्या कारण हैं?

LPG की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारण बताए जा रहे हैं।

  1. वैश्विक तनाव और युद्ध का असर

हाल ही में मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और Iran-Israel संघर्ष की वजह से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार प्रभावित हुआ है।

मध्य-पूर्व दुनिया के सबसे बड़े तेल और गैस उत्पादक क्षेत्रों में से एक है। जब भी इस क्षेत्र में युद्ध या राजनीतिक तनाव बढ़ता है, तो वैश्विक बाजार में तेल और गैस की कीमतें बढ़ जाती हैं।

  1. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है।

इसलिए जब वैश्विक कीमतें बढ़ती हैं तो भारत में भी LPG और पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर असर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति

भारत तेल और गैस की खरीद डॉलर में करता है। अगर भारतीय रुपया कमजोर होता है तो आयात महंगा हो जाता है।

इस स्थिति में तेल कंपनियों की लागत बढ़ती है और उसका असर उपभोक्ताओं पर पड़ता है।

आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?

घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत बढ़ने से मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के बजट पर दबाव बढ़ेगा।

आज के समय में गैस सिलेंडर एक जरूरी घरेलू वस्तु बन चुका है। लगभग हर घर में इसका उपयोग होता है। इसलिए कीमत बढ़ने से:

घरेलू बजट बिगड़ सकता है

मासिक खर्च बढ़ जाएगा

गरीब परिवारों को परेशानी हो सकती है

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कीमतें लगातार बढ़ती रहीं तो कुछ लोग फिर से पारंपरिक ईंधन जैसे लकड़ी या कोयले का इस्तेमाल करने लग सकते हैं।

छोटे व्यापारियों और होटल उद्योग पर असर

कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने से सबसे ज्यादा असर छोटे व्यापारियों पर पड़ेगा।

रेस्टोरेंट, ढाबा और फास्ट फूड स्टॉल चलाने वाले लोगों की लागत बढ़ जाएगी। इससे:

खाने की कीमतें बढ़ सकती हैं

छोटे व्यवसायों का मुनाफा कम हो सकता है

ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है

खासकर छोटे शहरों और कस्बों में छोटे फूड बिजनेस पर इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है।

सरकारी योजनाओं का क्या होगा?

भारत सरकार ने गरीब परिवारों को गैस कनेक्शन देने के लिए Pradhan Mantri Ujjwala Yojana शुरू की थी।

इस योजना के तहत करोड़ों गरीब महिलाओं को मुफ्त LPG कनेक्शन दिया गया था ताकि वे धुएं से होने वाली बीमारियों से बच सकें।

लेकिन LPG की कीमतें बढ़ने से कई गरीब परिवारों के लिए सिलेंडर भरवाना मुश्किल हो सकता है।

क्या आगे और बढ़ सकती हैं कीमतें?

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि LPG की कीमतें पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय बाजार पर निर्भर करती हैं।

अगर:

मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ता है

कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं

वैश्विक सप्लाई प्रभावित होती है

तो आने वाले समय में LPG की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।

हालांकि अगर वैश्विक बाजार स्थिर हो जाता है तो कीमतें कम भी हो सकती हैं।

सरकार क्या कदम उठा सकती है?

आम जनता को राहत देने के लिए सरकार कई कदम उठा सकती है:

LPG पर सब्सिडी बढ़ाना

गरीब परिवारों को अतिरिक्त सहायता देना

ऊर्जा आयात के नए स्रोत तलाशना

वैकल्पिक ऊर्जा को बढ़ावा देना

अगर सरकार राहत पैकेज देती है तो इससे आम लोगों को कुछ राहत मिल सकती है।

निष्कर्ष

घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में ₹60 और कमर्शियल सिलेंडर में ₹115 की बढ़ोतरी से आम जनता और व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने वाला है।

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता इसका प्रमुख कारण मानी जा रही है।

आने वाले समय में LPG की कीमतें किस दिशा में जाएंगी, यह काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। फिलहाल इतना तय है कि इस बढ़ोतरी का असर देश के करोड़ों परिवारों की रसोई और छोटे व्यापारियों की कमाई पर जरूर पड़ेगा।

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